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काशी : इन सर्च ऑफ गंगा – मूवी रिव्यु : कहानी में नही है दम

जानें कैसी है Sharman Joshi (शरमन जोशी) की नयी फिल्म काशी

जानें कैसी है शरमन जोशी की फिल्म काशी

 

मूवी का नाम : काशी: इन सर्च ऑफ गंगा

स्टार कास्ट : शरमन जोशी, ऐश्वर्या दिवान, गोविंद नामदेव,अखिलेन्द्र मिश्रा, क्रांति प्रकाश झा, परितोष त्रिपाठी, मनोज जोशी, मनोज पाहवा

डायरेक्टर : धीरज कुमार

अवधि :    2 घंटा 05  मिनट

सर्टिफिकेट :  U/A

 रेटिंग : 1.5 / 5

मूवी : टाइप  थ्रीलर

मूवी का बजट : लगभग 8-10 करोड़

अभिनेता शरमन जोशी बहुत ही कम मूवी में काम करते हैं.  इस बार उन्होंने काशी फिल्म का चयन किया है. जो की एक लापता लड़की के ऊपर बनाई गए है  पिछले दिनों पूरे देश के अलग-अलग शहरों में एक लड़की के गायब होने के पोस्टर्स ने कई सवालिया निशान उठा दिए थे कि आखिररकार वो लड़की कौन है. अब मूवी  रिलीज हो चुकी है. तो आइए जानते हैं आखिरकार कैसी है यह मूवी

 

मूवी की कहानी                                                                                                                                                    काशी (शरमन जोशी) अपनी बहन गंगा (प्रियंका सिंह) और माता-पिता के साथ बनारस में रहता है। अपने पुरखों की विरासत संभालते हुए काशी घाट पर मुर्दों को जलाने का काम करता है। लखनऊ से जर्नलिस्ट देविना (ऐश्वर्या दिवान) वाराणसी अपने रिसर्च के लिए आती हैं और उनकी मुलाकात काशी से होती है.और वही उन दोनों के बीच नज़दीकियां भी बढ़ जाती हैं। एक दिन अचानक काशी को पता लगता है कि उसकी बहन लापता है। और  वही से कहानी में ट्विस्ट आता है उसकी तलाश में काशी को अलग अलग शहरों में भटकना पड़ता है. इन सबके बीच लोकल मंत्री बलवंत (गोविंद नामदेव) और बाकी किरदारों की एंट्री होती है. आखिरकार गंगा कैसे गुमशुदा हो गई है. उसके साथ क्या-क्या होता है. इन सभी बातों का पता आपको फिल्म देखकर ही चल पाएगा.

कमजोर कड़ियां                                                                                                                                                        मूवी के लिए मुद्दा अच्छा था, लेकिन एक अच्छी फिल्म बनते बनते रह गई  बहुत ही उबड़-खाबड़ कहानी है. डायरेक्टर धीरज जोशी ने एक अच्छे प्लॉट पर बकवास फिल्म बनाई है। फिल्म के ट्रेलर ने फैंस को आकर्षित किया था, लेकिन अफसोस कि सिनेमा घर में उन्हें निराशा ही हाथ लगी। कोई भी किरदार आपको प्रभावित नहीं कर पाता है.. पूरी फिल्म में हर दसवें मिनट पर एक गाना आ जाता है, जो इसकी कहानी को और गड़बड़ करता है. जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ती है, दर्शक के तौर पर आपके जहन में ये बात चलने लगती है की आखिरकार ये फिल्म ख़त्म कब होगी.और धीरज कहीं पर भी इस मूवी में अपनी पकड़ नहीं बना पाए। ‘अंधाधुन’ जैसी थ्रिलर फिल्मों के दौर में बेहद कमजोर स्क्रिप्ट वाली ‘काशी’ को दर्शक मिलना आसान नहीं है।  किरदारों का चयन भी काफी ढीला था. लग रहा था पूरी फिल्म का जिम्मा सिर्फ शरमन के कन्धों पर है, जितना पैसा अलग-अलग तरह के गानों में लगाया गया. उसे अच्छे एक्टर्स की तलाश में लगाया जाता तो फिल्म और बेहतर दिखाई देती. यहां तक की सीनियर एक्टर्स जैसे अखिलेन्द्र मिश्रा, गोविंद नामदेव  भी अपनी क्षमता से काफी कमजोर अभिनय करते हुए दिखाई दे रहे थे. बहुत ही निराश करती है ये मूवी

शरमन जोशी मुख्य रोल में बिलकुल नहीं जमते हैं। उन्हें अपनी फिल्मों की चॉइस पर फिर से विचार करना चाहिए। वहीं साउथ की अभिनेत्री ऐश्वर्या देवन ने भी अपने रोल को बहुत बुरा  निभाया है। कैमरा मैन ने जरूर फिल्म में बनारस की कुछ खूबसूरत लोकेशन के दर्शन कराए हैं। मूवी में गाने भी कुछ खास नहीं है। मूवी का कोई भी गाना रेडियो मिर्ची के टॉप चार्ट में शामिल नहीं है। अगर आप शरमन जोशी के फैन है तो एक बार  मूवी को जरूर देखे।

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